JPSC-2 घोटाले में फंसे अफसर ने हजारीबाग में खरीदी करोड़ों की जमीन

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हजारीबाग, 15 जनवरी: जिले में खासमहल जमीन घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है, जहां सरकारी और ट्रस्ट की करोड़ों की जमीन अवैध तरीके से निजी हाथों में ट्रांसफर की गई। हालांकि जेपीएससी घोटाले से सीधे जुड़े किसी अफसर द्वारा हजारीबाग में करोड़ों की जमीन खरीदने का स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला, लेकिन यह अफवाह या मिक्स-अप हो सकता है।

मुख्य आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, जो 2008-2010 में हजारीबाग के डिप्टी कमिश्नर थे। एंटी-करप्शन ब्यूरो के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों से लगभग 5,000 एकड़ सरकारी, खासमहल, वन और ट्रस्ट भूमि का अवैध हस्तांतरण हुआ। एक प्रमुख केस में 2.75 जकड़े खासमहल जमीन 1948 में ट्रस्ट को लीज पर दी गई थी, लेकिन 2008-10 में ‘ट्रस्ट सेवायत’ शब्द हटाकर सरकारी दिखाकर निजी व्यक्तियों को बेची गई।

झारखंड हाईकोर्ट ने जनवरी 2026 में चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी, इसे “सिस्टेमेटिक फ्रॉड” और पद के दुरुपयोग का मामला बताते हुए। वे पहले से शराब घोटाले में जेल में हैं। अन्य आरोपी में तत्कालीन खासमहल पदाधिकारी विनोद चंद्र झा, बसंती सेठी, उमा सेठी, राजेश सेठी आदि शामिल हैं। जांच में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

जेपीएससी-2 घोटाला परीक्षा में मार्क्स हेराफेरी से जुड़ा है, जिसमें सीबीआई जांच चल रही है, लेकिन जमीन घोटाले से इसका कोई सीधा लिंक नहीं पाया गया। झारखंड में भ्रष्टाचार के ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं।