रांची, 15 जनवरी 2026: झारखंड हाईकोर्ट ने आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वपूर्ण याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह याचिका प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी समन की अवहेलना के मामले से संबंधित थी, जिसमें एमपी-एमएलए विशेष अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती दी गई थी।
कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिससे निचली अदालत में ट्रायल और सुनवाई की प्रक्रिया अब बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ेगी। ईडी ने हेमंत सोरेन के खिलाफ कई समन जारी किए थे, जिनका पालन न होने पर शिकायत दर्ज की गई और अदालत ने संज्ञान लिया था। मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल याचिका में इसे गलत और कानूनी रूप से असंगत बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने कोई राहत नहीं दी।
यह फैसला राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह हेमंत सोरेन से जुड़े भूमि घोटाले मामले से संबंधित पुरानी जांच को और मजबूत कर सकता है। विपक्षी दल भाजपा ने इस फैसले का स्वागत किया है, जबकि जेएमएम समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रहे हैं।मामले की अगली सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी, जहां आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।