सोमा मुंडा हत्या मामले में आदिवासी समाज में उबाल, 17 जनवरी को झारखंड बंद का एलान।

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खूंटी/रांची, 13 जनवरी 2026: झारखंड के खूंटी जिले में 7 जनवरी को आदिवासी नेता एवं एदेल संगा पड़हा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या ने पूरे राज्य के आदिवासी समाज को झकझोर दिया है। बुधवार शाम जमुआदाग के पास सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे, तभी दो अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। सीने में गोली लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

60 वर्षीय सोमा मुंडा अखिल भारतीय झारखंड पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष, चलांगी हाई स्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक, झारखंड आंदोलनकारी और 2024 विधानसभा चुनाव में खूंटी सीट से उम्मीदवार रह चुके थे। वे 22-32 गांवों के पारंपरिक प्रमुख थे।

हत्या के बाद 8 जनवरी को खूंटी जिले में पूर्ण बंद रहा। आदिवासी समन्वय समिति, झारखंड उलगुलान मंच, झारखंड पार्टी सहित कई संगठनों के आह्वान पर प्रदर्शनकारियों ने शव को भगत सिंह चौक पर रख सड़क जाम की, टायर जलाए और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। कुछ संगठनों ने 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, चंपाई सोरेन सहित कई नेताओं ने हत्या की कड़ी निंदा की और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

पुलिस ने जांच शुरू की, सदर थाना प्रभारी मोहन कुमार को निलंबित कर नया थानेदार नियुक्त किया गया है। अभी तक हत्यारे फरार हैं।

17 जनवरी को झारखंड बंद का आह्वान किया है। यह जानकारी आदिवासी जनपरिषद के अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा ने दी है। झारखंड बंद को आदिवासी महासभा, आदिवासी समन्वय समिति, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, केंद्रीय सरना समिति, संपूर्ण आदिवासी समाज, सोगोम तमाड़ समिति, एदेश सांगा पाड़हा, संयुक्त बाइस पाड़हा मुंडा, राजी पाड़हा समिति, आदिवासी अधिकार समिति, झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा और केंद्रीय महिला सरना समिति ने समर्थन दिया है। इन संगठनों ने एकजुट होकर सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाने का फैसला किया है।