नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 जनवरी को लैंड फॉर जॉब मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटी मीसा भारती समेत 41 आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश (IPC 420, 120B) और Prevention of Corruption Act की धाराओं में आरोप तय कर दिए।
कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की कि लालू ने रेल मंत्रालय को अपनी “personal fiefdom” (निजी जागीर) बनाया और परिवार के साथ “criminal syndicate” की तरह काम किया। 2004-2009 में ग्रुप-D नौकरियों के बदले परिवार या सहयोगियों के नाम जमीनें ली गईं। कुल 98 जीवित आरोपियों में से 52 को सबूतों के अभाव में बरी किया गया। औपचारिक आरोप 29 जनवरी को फ्रेम होंगे, तब ट्रायल शुरू होगा।
आरोप तय होने के बाद लालू की बड़ी बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर भड़ककर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “बड़ी शिद्दत से बनाई गई विरासत को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं, ‘नए बने अपने’ ही काफी होते हैं।” रोहिणी ने अपनों की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि तेजस्वी और उनके करीबी राजद तथा लालू को “खत्म” करना चाहते हैं। इससे पहले भी उन्होंने परिवार में अपमान, गाली-गलौज और चप्पल से मारने की शिकायत की थी।
एनडीए ने इस्तीफे की मांग की, जबकि राजद ने इसे राजनीतिक साजिश बताया। यह फैसला राजद की एकता और तेजस्वी की छवि के लिए चुनौतीपूर्ण है।