रांची, 8 जनवरी 2026: विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सभी मंत्री एवं सभी विधायकों ने झारखंड विधानसभा परिसर में आज अमर शहीद शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह के शहादत दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वीर शहीद शेख भिखारी व टिकैत उमराव सिंह की शहादत को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।
1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख योद्धा शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ रांची और आसपास के क्षेत्रों में विद्रोह का सूत्रपात किया था। टिकैत उमराव सिंह ओरमांझी क्षेत्र के खटंगा जागीर के जमींदार थे, जबकि शेख भिखारी उनके कुशल दीवान और सेनापति थे। दोनों ने हिंदू-मुस्लिम-आदिवासी एकता का अनुपम उदाहरण पेश करते हुए ब्रिटिश सेना को कड़ी टक्कर दी। धोखे से गिरफ्तार होने के बाद अंग्रेजों ने उन्हें 8 जनवरी 1858 को रामगढ़ के निकट चुटूपालू घाटी में एक प्राचीन बरगद के पेड़ पर फांसी दे दी थी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो ने कहा कि शहीदों का बलिदान झारखंड की आजादी की लड़ाई में सदैव प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। उनके संघर्ष और एकता के आदर्शों को अपनाकर ही हम सशक्त झारखंड और भारत का निर्माण कर सकते हैं।
राज्य के अन्य स्थानों जैसे चुटूपालू घाटी शहीद स्थल, खटंगा गांव और चाईबासा में भी विभिन्न संगठनों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।