रांची, 5 जनवरी: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। राजनीतिक गलियारों में खरमास समाप्त होने के बाद यानी जनवरी में कैबिनेट में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, 2026 का वर्ष स्वास्थ्य और कृषि विभागों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है, जिसके चलते इन विभागों के मंत्रियों में फेरबदल हो सकता है।
सरकार पूर्ण आत्मविश्वास के साथ विकास योजनाओं को गति दे रही है, लेकिन कुछ विभागों के प्रदर्शन पर असंतोष के कारण बदलाव की तैयारी चल रही है। सबसे ज्यादा चर्चा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के नाम की हो रही है। उनके बयानों और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस के अंदर और सरकार के शीर्ष नेतृत्व में नाराजगी की बातें सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति और मरीजों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई न होने से जनता में निराशा है।
सूत्र बताते हैं कि इरफान अंसारी की जगह पाकुड़ से निर्वाचित अल्पसंख्यक महिला विधायक पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की पत्नी निशात आलम का नाम प्रमुखता से चल रहा है। इससे सरकार अल्पसंख्यक समुदाय और महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर सकेगी।
इसी क्रम में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के विभाग में भी बदलाव की अटकलें हैं। कांग्रेस कोटे से उनके स्थान पर रामचंद्र सिंह, सोनाराम सिंकु, नमन विक्सल कोगाड़ी या राजेश कच्छप में से किसी एक को मौका मिल सकता है।
फेरबदल केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं रहेगा। झामुमो और राजद कोटे में भी बदलाव संभव है। पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश्वर सोरेन को घाटशिला सीट से मंत्री पद मिल सकता है। वहीं राजद कोटे में संजय प्रसाद यादव की जगह विधायक दल नेता सुरेश पासवान को शामिल करने की चर्चा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नए साल के पहले महीने में हेमंत सोरेन कैबिनेट नए स्वरूप में नजर आएगी, जिससे जनता के बीच सरकार की छवि और मजबूत होगी। हालांकि, ये चर्चाएं अभी गलियारों तक सीमित हैं और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।