रांची की पूर्व छात्रा नंदिनी चक्रबर्ती बनी पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्य सचिव

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कोलकाता, 04 जनवरी 2026: पश्चिम बंगाल ने प्रशासनिक इतिहास रच दिया है। 1994 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती को राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने 1 जनवरी 2026 से पदभार ग्रहण किया और सेवानिवृत्त हो रहे मनोज पंत की जगह ली। यह नियुक्ति 31 दिसंबर 2025 को हुई, जिसे राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मंजूरी दी। 2026 विधानसभा चुनावों से पहले यह फेरबदल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रणनीतिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे महिला मतदाताओं को सकारात्मक संदेश जाएगा। नंदिनी ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को पीछे छोड़कर यह पद हासिल किया, जो उनकी क्षमता और मुख्यमंत्री के विश्वास को दर्शाता है।

नंदिनी चक्रवर्ती का सफर रांची से शुरू हुआ। उन्होंने रांची के सेक्रेड हार्ट स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की। कोलकाता की लेडी ब्रेबोर्न कॉलेज की पूर्व छात्रा नंदिनी ने अपनी मेहनत से आईएएस बनने का सपना पूरा किया। उनका प्रारंभिक जीवन झारखंड (तत्कालीन बिहार) से जुड़ा रहा, जहां उन्होंने मजबूत आधार तैयार किया।

करियर की बात करें तो नंदिनी का प्रशासनिक सफर विविधतापूर्ण और चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने सिंगूर-नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन (2007-08) के दौरान वेस्ट बंगाल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की प्रमुख के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तृणमूल कांग्रेस सरकार आने के बाद भी वे इस पद पर बनी रहीं। बाद में उन्होंने गृह एवं पहाड़ी मामलों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पर्यटन, संसदीय मामले और राज्यपाल के प्रधान सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले। राज्यपाल सीवी आनंद बोस के साथ विवादों के बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। हावड़ा की जिला मजिस्ट्रेट रहते हुए भी उन्होंने उत्कृष्ट कार्य किया।

यह नियुक्ति न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि पहली बंगाली महिला मुख्य सचिव होने के नाते राज्य के गौरव को भी बढ़ाती है। ब्यूरोक्रेट्स में इसे चुनावी तैयारी के लिए मजबूत कदम माना जा रहा है। नंदिनी की सफलता युवाओं, खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो साबित करती है कि दृढ़ संकल्प से कोई भी शिखर छुआ जा सकता है। राज्य प्रशासन में उनकी भूमिका आने वाले समय में और महत्वपूर्ण होगी।