रामगढ़, 03 जनवरी 2026: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देशानुसार राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में चल रहे शीतकालीन अवकाश में बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने की अनोखी पहल के तहत रामगढ़ जिले में “ग्राम शिक्षा संगम” कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम ग्रामीण बच्चों के लिए सच्चा उत्सव बन गया है, जहां शिक्षा के साथ खेल-कूद और रचनात्मकता का संगम हो रहा है।
जिले के गोला प्रखंड में सहायक शिक्षक नागेश्वर महतो और रामगढ़ प्रखंड में सहायक अध्यापक राजकुमार ने गांवों में बच्चों को एकत्रित कर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया। गतिविधियों में किताब पठन, कहानी सुनाना, फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी, विज्ञान के सरल प्रयोग और विभिन्न खेल शामिल थे। मुख्य उद्देश्य अवकाश के दिनों में भी शैक्षिक माहौल बनाना, पढ़ने की आदत विकसित करना तथा शिक्षा संबंधी विभिन्न अभियानों के प्रति जागरूकता फैलाना है।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साह बढ़ा।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमारी नीलम ने कहा, “ग्राम शिक्षा संगम बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि जगाने और छुट्टियों को उपयोगी बनाने में कारगर साबित हो रहा है। यह उनके लिए सच्चा उत्सव बन गया है।” जिला शिक्षा अधीक्षक संजीत कुमार ने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि खेल-खेल में सीखने की यह प्रक्रिया बच्चों को आगे बढ़ाएगी। अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नलिनी रंजन ने बताया कि पूरे जिले में ऐसे आयोजन हो रहे हैं, जिससे समुदाय में पढ़ने की संस्कृति मजबूत होगी और साक्षरता स्तर में वृद्धि होगी।
यह पहल झारखंड सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि छुट्टियों में भी बच्चों का सीखना नहीं रुके। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों से शिक्षा की नई लहर दौड़ रही है।