पलामू में फर्जी आईएएस की गिरफ्तारी: 6-7 साल से चल रहा था धोखे का खेल

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मेदिनीनगर (पलामू), 3 जनवरी 2026: झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने एक फर्जी आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हैदरनगर थाना क्षेत्र के कुकही गांव निवासी राजेश कुमार के रूप में हुई है। वह खुद को 2014 बैच का ओडिशा कैडर आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह करता था और भुवनेश्वर में चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के पद पर तैनात होने का झूठा दावा करता था।

घटना 2 जनवरी की है, जब राजेश कुमार हुसैनाबाद थाने पहुंचा और थाना प्रभारी से बातचीत शुरू की। उसने खुद को ओडिशा कैडर का आईएएस बताया। पूछताछ में उसने दावा किया कि वह भुवनेश्वर के अलावा देहरादून और हैदराबाद में भी पोस्टेड रह चुका है। थाना प्रभारी ने जब तीन अलग-अलग राज्यों में पोस्टिंग का कारण पूछा तो राजेश ने कहा कि आईएएस अधिकारी यूपीएससी के केंद्रीय कैडर से चुने जाते हैं, इसलिए विभिन्न राज्यों में पोस्टिंग होती है। इस संदिग्ध जवाब से शक हुआ और गहन पूछताछ में उसकी पोल खुल गई।

हिरासत में राजेश कुमार ने कबूल किया कि वह पिछले 6-7 वर्षों से फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर नाटक कर रहा था। इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर उसने कई जगहों पर रौब झाड़ा और संभवतः लोगों को ठगा भी।

तलाशी में पुलिस ने उसके पास से नकली आईडी कार्ड, मोबाइल फोन, कोचिंग संस्थान की आईडी और सबसे हैरान करने वाला- कार पर लगा “भारत सरकार, सीएओ दूरसंचार विभाग” लिखा नाम बोर्ड बरामद किया।

हुसैनाबाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व सरकारी अधिकारी बनने की धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच जारी है कि इतने वर्षों में उसने कितने लोगों को ठगा। पलामू एसपी ने कहा, “ऐसे फर्जीवाड़े से सरकारी व्यवस्था की छवि खराब होती है। सख्त कार्रवाई की जाएगी।”