रांची, 3 जनवरी 2026: झारखंड सरकार ने लंबे इंतजार के बाद पंचायती राज अधिनियम यानी PESA की नियमावली को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में “पंचायत उपबंध झारखंड नियमावली, 2025” को स्वीकृति प्रदान की गई। इसकी अधिसूचना जारी होते ही यह नियमावली राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
यह फैसला आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। PESA अधिनियम 1996 में केंद्र सरकार द्वारा पारित किया गया था, लेकिन झारखंड राज्य गठन के 25 साल बाद भी इसकी नियमावली लंबित थी। अब नियमावली लागू होने से राज्य के 15 अनुसूचित जिलों में ग्राम सभाओं को जल, जंगल, जमीन, खनिज संसाधनों और स्थानीय विकास योजनाओं पर निर्णायक अधिकार मिलेंगे।
मुख्य प्रावधान:
• सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थी चयन में ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य।
• लघु खनिजों और बालू घाटों के आवंटन में ग्राम सभा की मंजूरी जरूरी।
• पारंपरिक ग्राम सभाओं को मान्यता, स्थानीय रीति-रिवाजों का संरक्षण।
• विकास कार्यों में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह नियमावली अनुसूचित क्षेत्रों के लोगों को सशक्त बनाएगी और उनके अधिकारों की रक्षा करेगी। आदिवासी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, हालांकि कुछ विपक्षी नेताओं ने नियमावली में प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं।
सरकार जल्द ही जिलों में जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण आयोजित करेगी ताकि ग्राम सभाएं अपने नए अधिकारों का प्रभावी उपयोग कर सकें। यह कदम झारखंड के आदिवासी समुदायों के लिए स्वशासन और विकास की नई दिशा खोलेगा।