रांची, 02 जनवरी: झारखंड सरकार राज्य के खेल क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। चार प्रमंडलों उत्तरी छोटानागपुर, कोल्हान, संताल परगना और पलामू में खेल विज्ञान केंद्रों की स्थापना की योजना है। दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में रांची का हाई परफॉर्मेंस केंद्र पहले से अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
आधुनिक खेलों में सफलता अब सिर्फ मेहनत पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक प्रशिक्षण पर निर्भर करती है। इन केंद्रों का मुख्य लक्ष्य खिलाड़ियों को चोटों से बचाना, फिटनेस बढ़ाना और प्रदर्शन में निरंतर सुधार करना होगा। सरकार की कोशिश है कि जल्द ही इनकी शुरुआत हो सके।
हर केंद्र में फिजियोथेरेपिस्ट, पोषण विशेषज्ञ, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग एक्सपर्ट, मालिश विशेषज्ञ और अन्य तकनीकी स्टाफ मौजूद रहेंगे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति, डाइट, रिकवरी और मानसिक मजबूती पर लगातार ध्यान दिया जाएगा। ट्रेनिंग से पहले और बाद में फिटनेस टेस्ट होंगे, ताकि कमजोरियों को दूर कर विशेष व्यायाम कराए जा सकें। विशेषज्ञ जरूरी उपकरण लेकर खिलाड़ियों तक पहुंचेंगे। गंभीर मामलों में रांची के हाई परफॉर्मेंस केंद्र में रेफर किया जाएगा।
खेल मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि वैज्ञानिक ट्रेनिंग राज्य की मुख्य प्राथमिकता है। पुरानी तरीकों से आगे बढ़कर खिलाड़ियों को आज की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड आगे आए। इन केंद्रों से आयु संबंधी गड़बड़ियों पर रोक लगेगी और विशेषज्ञ पता लगाएंगे कि कौन सा खेल किस खिलाड़ी के लिए सबसे उचित है।
ये केंद्र एसएआई, नेशनल क्रिकेट अकादमी जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के मॉडल पर काम करेंगे, जहां डेटा एनालिसिस, बायोमैकेनिक्स और इंजरी मैनेजमेंट से प्रदर्शन बेहतर बनाया जाता है।