रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 31 दिसंबर 2025: झारखंड की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। योजना के पोर्टल पर पिछले 11 महीनों से नए लाभार्थियों को जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है, जबकि लाभार्थियों के नाम हटाने का सिलसिला जारी है। इससे योजना से जुड़ी महिलाओं की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है।
योजना के नियमों के अनुसार, 18 से 50 वर्ष आयु की महिलाएं पात्र हैं। जैसे ही किसी लाभार्थी की उम्र 50 वर्ष पूरी होती है, उसका नाम स्वतः पोर्टल से हटा दिया जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, केवल उम्र सीमा पूरी होने के कारण पिछले 11 महीनों में 1 लाख 33 हजार 776 महिलाओं के नाम हट चुके हैं। हर महीने औसतन 8 हजार से 20 हजार नाम कट रहे हैं। कुल मिलाकर अब तक विभिन्न कारणों से 5.63 लाख से अधिक नाम योजना से बाहर हो चुके हैं।
दूसरी ओर, राज्यभर में करीब ढाई लाख नए आवेदन लंबित पड़े हैं, लेकिन इन्हें पोर्टल पर जोड़ा नहीं जा रहा। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि पोर्टल में तकनीकी खराबी है, जबकि सूत्रों का दावा है कि नए लाभार्थियों को जोड़ने पर अघोषित रोक लगा दी गई है। नतीजतन, 18 वर्ष पूरी करने वाली नई पात्र महिलाएं योजना से जुड़ नहीं पा रही हैं।
योजना की शुरुआत में 56.61 लाख महिलाओं को जोड़ा गया था, लेकिन अब सक्रिय लाभार्थियों की संख्या 50-51 लाख के आसपास रह गई है। सरकार का पक्ष है कि अपात्र और फर्जी मामलों को हटाकर योजना की शुचिता बनाए रखी जा रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी जल्द पोर्टल अपडेट करने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन लाभार्थियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।