हजारीबाग की जयप्रकाश नारायण केंद्रीय जेल से तीन उम्रकैद कैदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Spread the News

रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

हजारीबाग, 31 दिसंबर 2025: झारखंड की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से तीन उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी फरार हो गए। यह सनसनीखेज घटना मंगलवार देर रात की बताई जा रही है, जिसने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। फरार कैदियों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, कैदियों ने बेहद चालाकी से फरारी को अंजाम दिया। उन्होंने बैरक में अतिरिक्त बिस्तर के लिए इस्तेमाल होने वाले टेंट के कपड़े को फाड़कर मजबूत रस्सी बनाई। इसी रस्सी की मदद से उन्होंने जेल की ऊंची दीवार और इलेक्ट्रिक फेंसिंग को पार किया। घटना रात करीब 1 बजे की है। कैदियों ने वार्ड के बाथरूम में लगे लोहे के रॉड को काटकर बाहर निकलने का रास्ता बनाया और फिर गुमटी नंबर 4 व 5 के बीच की दीवार फांदकर बाहर निकल गए। फरार कैदी धनबाद जिले के निवासी हैं और गंभीर अपराधों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे।

घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह फरारी डीजीपी के हालिया निरीक्षण के मात्र कुछ दिनों बाद हुई है, जिससे जेल कर्मियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जेल अधीक्षक ने आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं, जिसमें सुरक्षा चूक और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार कैदियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और आसपास के जिलों में नाकाबंदी की गई है। पुलिस का दावा है कि कैदियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

यह जेल राज्य की सबसे सुरक्षित जेलों में गिनी जाती है, फिर भी इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, इस पर सवाल उठ रहे हैं। पहले भी हजारीबाग जेल से फरारी की कुछ घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन उम्रकैद के कैदियों की यह फरारी जेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।