दुमका में पत्रकारों से मारपीट मामले में थाना प्रभारी सस्पेंड

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

दुमका, 30 दिसंबर 2025: झारखंड के दुमका जिले में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट और बदसलूकी की घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले के इस मामले में दुमका पुलिस अधीक्षक ने सख्त कार्रवाई करते हुए हंसडीहा थाना प्रभारी ताराचंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

घटना 27 दिसंबर 2025 की रात की है, जब दो वरिष्ठ पत्रकार मृत्युंजय कुमार पांडे और नितेश कुमार वर्मा एक मंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे थे। आरोप है कि हंसडीहा थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों ने अपना परिचय देने के बावजूद दोनों पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की, मारपीट की और उन्हें जबरन थाने ले जाकर घंटों मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

पत्रकारों की शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद एसडीपीओ की रिपोर्ट पर एसपी ने थाना प्रभारी ताराचंद को सस्पेंड कर उन्हें दुमका पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एसपी ने कहा कि यह घटना पुलिस की छवि को कलंकित करती है और पत्रकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा उनके सम्मान की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।

इस घटना से जिले के पत्रकार समुदाय में आक्रोश है। विभिन्न पत्रकार संगठनों ने एसपी से मिलकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने थाना प्रभारी के निलंबन को अपर्याप्त बताते हुए पूरे मामले में और सख्त एक्शन की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि केवल निलंबन से काम नहीं चलेगा, दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह मामला प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल उठाता है और पुलिस सुधार की जरूरत को रेखांकित करता है।