झारखंड में जल्द शुरू होगा SIR का दूसरा चरण: फर्जी सर्टिफिकेट पर बने वोटरों पर कड़ी कार्रवाई, 12 लाख नाम हटाने की तैयारी

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रांची, 27 दिसंबर 2025: झारखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सख्ती जारी है। राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण की शुरुआत फरवरी 2026 से होने की संभावना है। इस प्रक्रिया में फर्जी या गलत दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, वर्तमान में 2003 की मतदाता सूची से पैतृक मैपिंग का काम तेजी से चल रहा है। इस मैपिंग में अब तक करीब 12 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की सूची तैयार की जा चुकी है। इनमें मृतक, स्थानांतरित, डुप्लिकेट और संदिग्ध प्रविष्टियां शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कवायद फर्जी मतदान को रोकने में प्रभावी साबित होगी।

निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि SIR के दौरान दस्तावेजों की गहन जांच की जाए। अगर कोई मतदाता फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, निवास प्रमाण या अन्य गलत दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराता पाया गया, तो उसके नाम सूची से हटाने के साथ-साथ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि दूसरे राज्यों से जारी दस्तावेजों की जांच संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से कराई जाएगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी योग्य मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, बिजली बिल आदि तैयार रखें। बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से न हटे।