रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
भुवनेश्वर, 26 दिसंबर 2025: ओडिशा के कंधमाल जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। कंधमाल-गंजम सीमा पर राम्पा जंगल क्षेत्र में चले संयुक्त ऑपरेशन में सीपीआई (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी के सदस्य और ओडिशा में संगठन के प्रमुख गणेश उइके (69) समेत कुल 6 नक्सली मारे गए। गणेश उइके के सिर पर केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से कुल 1.1 करोड़ रुपये का इनाम था।
यह एनकाउंटर बुधवार रात से शुरू हुए अभियान का हिस्सा था, जिसमें गुरुवार सुबह अलग-अलग स्थानों पर गोलीबारी हुई। मारे गए नक्सलियों में दो महिला कैडर भी शामिल हैं। अन्य मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी की जा रही है।
सुरक्षा बलों ने मौके से AK-47, INSAS राइफल सहित कई हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। अभियान में ओडिशा पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप, सीआरपीएफ और बीएसएफ की 23 टीमों ने हिस्सा लिया। यह ऑपरेशन खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया था।
ओडिशा पुलिस के डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह ओडिशा में माओवादी संगठन की कमर तोड़ने वाली सफलता है। गणेश उइके का मारा जाना राज्य में नक्सलवाद के लिए बड़ा झटका है।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता पर बधाई देते हुए X पर पोस्ट किया: “कंधमाल, ओडिशा में एक बड़े अभियान में सेंट्रल कमेटी सदस्य गणेश उइके समेत 6 नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया है। इस बड़ी सफलता के साथ ओडिशा नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने की दहलीज पर खड़ा है। हम मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद खत्म करने के संकल्प पर कायम हैं।”
गणेश उइके तेलंगाना के नालगोंडा जिले के मूल निवासी थे और पक्का हनुमंतु, चमरू, रूपा जैसे कई नामों से जाने जाते थे। वह दशकों से सक्रिय थे और ओडिशा-छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र कॉरिडोर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
यह सफलता हाल के दिनों में माओवादियों के सरेंडर और एनकाउंटर की श्रृंखला का हिस्सा है, जिससे ओडिशा में नक्सल गतिविधियां लगभग खत्म होने की कगार पर हैं। अभियान अभी भी जारी है और और सफलता की उम्मीद है।