रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
धनबाद/रांची, 26 दिसंबर 2025: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से MBBS की डिग्री प्राप्त करने वाले डॉक्टरों को अब अनिवार्य रूप से 5 वर्ष तक झारखंड के सरकारी अस्पतालों में सेवा देनी होगी।
यह घोषणा मंत्री ने धनबाद सदर अस्पताल और शहीद नर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दौरे के दौरान की। मंत्री ने कहा कि राज्य में डॉक्टरों की कमी खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में गंभीर समस्या है। इस नीति से सरकारी खर्च पर पढ़े डॉक्टरों का राज्य को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। सरकार जल्द ही इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी करेगी।
मंत्री ने आगे बताया कि राज्य में 8 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है, जिनमें से 4 पर काम शुरू हो चुका है। धनबाद में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम पर नया मेडिकल कॉलेज बनेगा। साथ ही, धनबाद मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर नई आधुनिक बिल्डिंग बनाई जाएगी, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक तकनीक से इलाज होगा।
यह कदम कई अन्य राज्यों जैसे हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर है, जहां सरकारी मेडिकल शिक्षा के बाद अनिवार्य सेवा की व्यवस्था पहले से लागू है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य में डॉक्टरों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।