विनोबा भावे विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह संपन्न: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने युवाओं को दिया राष्ट्र निर्माण का मंत्र

Spread the News

रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

हजारीबाग, 24 दिसंबर: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में कल 23 दिसंबर 2025 को 10वां दीक्षांत समारोह बड़ी धूमधाम से संपन्न हुआ। परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया और मेधावी छात्र-छात्राओं के चेहरों पर सफलता की चमक साफ झलक रही थी। मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल एवं कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने समारोह की शुरुआत भूदान आंदोलन के प्रणेता संत विनोबा भावे की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करके की।

राज्यपाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह मात्र उपाधि वितरण की औपचारिकता नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और धैर्य का प्रतीक है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि यह एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत और नए बड़े अध्याय की शुरुआत है। युवाओं से अपील की कि विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान और संस्कारों का उपयोग समाज तथा राष्ट्रहित में करें। एक प्रेरक सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि यदि हर शिक्षित युवा एक गरीब या वंचित बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठा ले, तो देश से अशिक्षा का अंधकार समाप्त हो जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन को नसीहत दी कि संस्थान केवल डिग्री बांटने के केंद्र न बनें, बल्कि चरित्र और विचार निर्माण के केंद्र बनें। प्लेसमेंट सेल को मजबूत बनाने पर जोर दिया ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ विजन का उल्लेख कर ईमानदारी और नैतिकता से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सराहना करते हुए कहा कि असफलता से सीखकर आगे बढ़ना ही सच्ची सफलता है।

समारोह के अंत में राज्यपाल ने छात्रों को सत्य के पथ पर चलने की शपथ दिलाई और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दीं। मेधावियों को डिग्री, स्वर्ण पदक और पुरस्कार प्रदान किए गए। यह आयोजन युवा पीढ़ी के लिए बेहद प्रेरणादायी साबित हुआ।