रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
अमेरिकी कंपनी का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट कक्षा में स्थापित
श्रीहरिकोटा, 24 दिसंबर: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने बुधवार सुबह अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट एलवीएम-3 (एम-6) का सफल प्रक्षेपण किया। इस रॉकेट को ‘बाहुबली’ के नाम से भी जाना जाता है। यह प्रक्षेपण सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के द्वितीय लॉन्च पैड से सुबह करीब 8:55 बजे हुआ।
एलवीएम-3 ने अमेरिकी कंपनी एएसटी स्पेसमोबाइल के ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 कम्युनिकेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक निम्न पृथ्वी कक्षा में स्थापित कर दिया। सैटेलाइट का वजन लगभग 6,100 किलोग्राम है, जो भारतीय धरती से अब तक लॉन्च किया गया सबसे भारी पेलोड है। प्रक्षेपण के करीब 16 मिनट बाद सैटेलाइट को लगभग 520 किलोमीटर ऊंचाई वाली कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया।
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 में 223 वर्ग मीटर का फेज्ड ऐरे लगा है, जो निम्न पृथ्वी कक्षा में तैनात किया गया सबसे बड़ा कमर्शियल कम्युनिकेशंस ऐरे है। यह सैटेलाइट सामान्य स्मार्टफोन को बिना किसी अतिरिक्त उपकरण के सीधे 4जी/5जी ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा, विशेष रूप से दूर-दराज के इलाकों में।
यह मिशन इसरो की कमर्शियल शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड श और एएसटी स्पेसमोबाइल के बीच हुए समझौते का हिस्सा है। एलवीएम-3 की यह छठी परिचालन उड़ान और तीसरा पूर्ण रूप से कमर्शियल मिशन है। इस सफलता से इस रॉकेट का सफलता दर शत-प्रतिशत बना हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह भारत की अंतरिक्ष क्षमता और आत्मनिर्भरता का बड़ा प्रमाण है। इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने इसे गगनयान कार्यक्रम के लिए भी बड़ा आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बताया।
इस सफल प्रक्षेपण से भारत वैश्विक कमर्शियल अंतरिक्ष बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है।