रामगढ़ में ग्रामीण पत्रकारों के लिए “वार्तालाप” कार्यक्रम कल

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रामगढ़, 22 दिसंबर 2025: पत्र सूचना कार्यालय, रांची के तहत भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा कल 23 दिसंबर को रामगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों के लिए “वार्तालाप” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सुबह 11:30 बजे से रामगढ़ के होटल शिवम इन में होगा। कार्यक्रम का मुख्य विषय “विकसित भारत के संदर्भ में नशा मुक्ति का महत्व” रखा गया है।

आज रामगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्र सूचना कार्यालय, रांची के कार्यालय प्रमुख राजेश सिन्हा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में रामगढ़ कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रत्ना पांडेय, राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (रांची) के प्रो. शुभम श्रीवास्तव, स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (रांची इकाई) के सहायक निदेशक श्री राणा प्रताप यादव, दूरदर्शन समाचार इकाई झारखंड के प्रमुख एवं सहायक निदेशक दिवाकर कुमार तथा रामगढ़ के जिला जनसंपर्क अधिकारी प्रभात शंकर शामिल होंगे।

राजेश सिन्हा ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण पत्रकारों को नशा मुक्ति के महत्व, इसके सामाजिक दुष्प्रभावों और विकसित भारत मिशन में इस समस्या के समाधान के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रदान करना है।

दूरदर्शन समाचार इकाई झारखंड के प्रमुख दिवाकर कुमार ने कहा कि “वार्तालाप” जैसे जनसंपर्क कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की नीतियों को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पत्रकारों से कार्यक्रम में जरूर शामिल होने की अपील की।

प्रेस वार्ता में दूरदर्शन समाचार संपादक सह क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी गौरव पुष्कर ने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं और अभियानों पर विचार साझा किए। उन्होंने हाल ही में पारित “विकसित भारत–जी राम जी विधेयक” (VB-G RAM G Bill) के प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला और पत्रकारों से अपील की कि वे “वार्तालाप” में भाग लेकर इन योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं।

इसके अलावा, पुष्कर ने जानकारी दी कि केन्द्रीय संचार ब्यूरो, रांची द्वारा 23 दिसंबर से रामगढ़ कॉलेज परिसर में तीन दिवसीय चित्र प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम ग्रामीण मीडिया को सरकार की नीतियों से जोड़ने और जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।