फर्जी एससी प्रमाणपत्र पर रिम्स डेंटल कॉलेज में दाखिला लेने वाली छात्रा का एडमिशन रद्द

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रांची, 21 दिसंबर: राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डेंटल कॉलेज में अनुसूचित जाति कोटे के तहत बीडीएस कोर्स में प्रवेश पाने वाली एक छात्रा का नामांकन निरस्त कर दिया गया है। यह फैसला हेहल अंचल अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद लिया गया, जिसमें छात्रा द्वारा जमा किए गए जाति प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित किया गया। कॉलेज प्रशासन की आंतरिक जांच में यह मामला प्रकाश में आया था।

नामांकन रद्द करने से पूर्व शनिवार को रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार के कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जयप्रकाश, डीन डॉ. शशिबाला सिंह तथा आरोपी छात्रा आरुषि शामिल हुईं। बैठक में छात्रा ने खुद को एससी वर्ग का बताते हुए झारखंड में शिक्षा ग्रहण करने का दावा किया, लेकिन स्थायी निवास के संबंध में बिहार का उल्लेख किया।

जांच में पाया गया कि छात्रा का जाति प्रमाणपत्र वैध नहीं है। इसके बावजूद उसे सही दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान किया गया। निदेशक ने अतिरिक्त तीन घंटे का समय भी दिया, मगर छात्रा निर्धारित समयसीमा में वैध कागजात पेश नहीं कर सकी और बाद में अनुपस्थित हो गई।

सभी तथ्यों, दस्तावेजों और रिपोर्ट की गहन समीक्षा के बाद प्रशासन ने बीडीएस कोर्स में छात्रा का प्रवेश रद्द करने का अंतिम निर्णय लिया। इसकी जानकारी झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड को भी प्रेषित कर दी गई है।

कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आरक्षण संबंधी प्रवेश प्रक्रिया में जाति प्रमाणपत्र का सत्यापन अनिवार्य है। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता फिर सामने आई है।