रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 18 दिसंबर 2025: झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के अनुरूप कक्षा 3 से 8 तक की नई पाठ्यपुस्तकें और पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। राज्य सरकार की योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से इन किताबों को स्कूलों में लागू किया जाएगा, जिसका लक्ष्य 2027 से पूर्ण रूप से लागू करना है।
झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की समिति ने पहले चरण में कक्षा 1 से 4 तक की किताबों की तैयारी को मंजूरी दी है, जो 2026 तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद छपाई और वितरण के बाद 2027 से इनका उपयोग शुरू होगा। दूसरे चरण में कक्षा 5 से 8 तक की किताबें तैयार की जाएंगी। इन नई किताबों में गतिविधि-आधारित शिक्षा, मातृभाषा/स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई, व्यावसायिक शिक्षा और झारखंड की स्थानीय संस्कृति व जरूरतों को विशेष जगह दी जाएगी।
झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने भी हाल ही में फैसला लिया है कि राज्य के सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों में NCERT की पाठ्यपुस्तकें और पाठ्यक्रम चरणबद्ध रूप से अपनाए जाएंगे, ताकि छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयार हो सकें। हालांकि, प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर JCERT स्थानीय संदर्भों के साथ NEP-अनुरूप स्वतंत्र किताबें विकसित कर रहा है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम NEP-2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें रटंत शिक्षा की जगह अवधारणात्मक समझ, कौशल विकास और समावेशी शिक्षा पर जोर दिया गया है। राज्य में सरकारी स्कूलों में मुफ्त किताबें वितरित की जाती हैं, और नई किताबों की छपाई के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
अभिभावकों और शिक्षकों ने इस पहल का स्वागत किया है, लेकिन कुछ ने किताबों की समय पर उपलब्धता और शिक्षक प्रशिक्षण की मांग की है। JCERT ने आश्वासन दिया है कि शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।