रांची रिम्स परिसर में अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज, हाईकोर्ट की सख्ती से प्रशासन सक्रिय

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रांची, 16 दिसंबर 2025: झारखंड हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज परिसर से अतिक्रमण हटाने का अभियान जोरों पर है। कोर्ट ने देरी पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन को मशीनों (बुलडोजर) का इस्तेमाल कर अवैध निर्माणों को तुरंत ध्वस्त करने और संबंधित अधिकारियों को दस्तावेजों सहित कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।

गौरतलब है कि 3 दिसंबर को हाईकोर्ट ने रिम्स परिसर से सभी अतिक्रमण 72 घंटे में हटाने का अल्टीमेटम दिया था, साथ ही गैर-अनुपालन पर अवमानना की चेतावनी भी दी। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। अब तक कई अवैध निर्माण, जिनमें दोमंजिला मकान और चारमंजिला इमारतें शामिल हैं, ध्वस्त किए जा चुके हैं। 15 दिसंबर को भी अभियान जारी रहा, जहां रिम्स ग्राउंड के पूर्वी हिस्से में कई संरचनाएं तोड़ी गईं।

हाईकोर्ट ने 11 दिसंबर को अभियान जारी रखने का स्पष्ट आदेश देते हुए रोक लगाने वाली कई याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने रांची डीसी, एसएसपी और अन्य अधिकारियों को प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने को कहा। हालांकि, ‘कैलाश कोठी’ जैसे कुछ मामलों में दस्तावेजों की जांच के लिए अंतरिम रोक लगाई गई है।

यह अभियान एक जनहित याचिका पर चल रहा है, जिसमें रिम्स में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने पर जोर दिया गया है। अतिक्रमण के कारण इमरजेंसी प्रवेश द्वार और अन्य सुविधाएं प्रभावित हो रही थीं। प्रशासन का दावा है कि अभियान से परिसर को मुक्त कर मरीजों और उनके तीमारदारों को राहत मिलेगी।

बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने अभियान का स्वागत करते हुए सरकारी जमीन पर कब्जे की जांच की मांग की है। दूसरी ओर, प्रभावित लोग किराया रसीदें पेश कर रहे हैं, जिससे विवाद गहरा रहा है।

हाईकोर्ट अभियान पर कड़ी निगरानी रखे हुए है और अगली सुनवाई में प्रगति की समीक्षा करेगा। प्रशासन ने अभियान को और तेज करने का आश्वासन दिया है।