बांग्लादेश निर्यात के कारण झारखंड में प्याज के दामों में उछाल

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रांची, 15 दिसंबर 2025: झारखंड की राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न बाजारों में प्याज की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। पिछले मात्र 6 दिनों में प्याज के दाम प्रति किलोग्राम 10 से 12 रुपये तक बढ़ गए हैं। इसका मुख्य कारण भारत से बांग्लादेश निर्यात में वृद्धि बताया जा रहा है।

भारत-बांग्लादेश सीमा पर प्याज व्यापार के लिए बॉर्डर खुलने के बाद बांग्लादेश में भारतीय प्याज की मांग अचानक बढ़ गई है। वहां स्थानीय उत्पादन कम होने से कीमतें ऊंची चल रही हैं, जिससे भारतीय व्यापारी बड़ी मात्रा में प्याज का निर्यात कर रहे हैं। नतीजतन, झारखंड जैसे राज्यों में प्याज की घरेलू सप्लाई घटी है और बाजार में प्याज की कमी हो गई है।

रांची के आलू-प्याज थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष ने बताया कि पहले उत्पादक राज्यों में किसानों को प्याज के कम दाम मिल रहे थे, लेकिन बांग्लादेश में बेहतर भाव मिलने से निर्यात बढ़ा है। साथ ही, पिछले कुछ महीनों में प्याज की खेती कम होने से उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इस संयुक्त प्रभाव से कीमतों पर असर पड़ रहा है।

व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में प्याज के दाम में 5 रुपये प्रति किलो तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। रांची के थोक बाजार में पहले जहां प्याज 20-25 रुपये किलो बिक रहा था, अब वह 35-40 रुपये तक पहुंच गया है। खुदरा बाजार में यह 40-50 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।

यह बढ़ोतरी केवल झारखंड तक सीमित नहीं है। कर्नाटक के बेलगावी जैसे अन्य क्षेत्रों में भी निर्यात के कारण प्याज के दामों में 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय है, खासकर त्योहारी सीजन में। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर निर्यात इसी रफ्तार से जारी रहा तो घरेलू बाजार में और महंगाई बढ़ सकती है।