रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
पटना, 11 दिसम्बर: बिहार सरकार नए साल से कोचिंग संस्थानों पर कड़ा नियंत्रण करने जा रही है। शिक्षा विभाग ने नई कोचिंग नीति को अंतिम रूप दे दिया है, जिसे दिसंबर 2025 में कैबिनेट की मंजूरी के बाद अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।
नई नीति का सबसे बड़ा प्रावधान यह है कि अब कोई भी सरकारी शिक्षक निजी कोचिंग सेंटर में पढ़ाने नहीं जा सकेगा। उल्लंघन करने पर शिक्षक को निलंबन से लेकर नौकरी से बर्खास्तगी तक की सजा हो सकती है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक ने स्पष्ट किया है कि कोचिंग चलाने से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, इसे पूरी तरह रोका जाएगा।
सभी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी से कराना अनिवार्य होगा। फीस, शिक्षकों का नाम और कोर्स की पूरी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर सार्वजनिक करनी होगी। स्कूल के समय में कोचिंग चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, किसी भी सरकारी या निजी स्कूल परिसर में कोचिंग सेंटर खोलने पर रोक लगा दी गई है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, राज्य में 12 हजार से अधिक पंजीकृत कोचिंग हैं, लेकिन हजारों अवैध रूप से चल रही हैं। नई नीति से छात्रों पर फीस की मनमानी और मानसिक दबाव दोनों पर लगाम लगेगी। विभाग जल्द ही कोचिंग पंजीकरण के लिए अलग पोर्टल भी लॉन्च करेगा।