रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 8 दिसंबर 2025: झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज तीसरे दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने धान खरीद में भारी अनियमितता, छात्रवृत्ति वितरण में देरी और किसानों की बदहाली को लेकर सदन में जमकर हल्ला बोला। बीजेपी विधायकों ने पोस्टर-बैनर के साथ स्पीकर की डायस के समीप प्रदर्शन किया, नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
बीजेपी का मुख्य आरोप है कि सरकार ने चुनावी वादा किया था कि धान 3200 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा, लेकिन अभी तक अधिकांश केंद्र शुरू नहीं हुए। जहाँ शुरू हुए, वहाँ 2400 रुपये के हिसाब से केवल 90 किलो धान का ही भुगतान हो रहा है। कटौती, बोरे और परिवहन खर्च मिलाकर किसान को महज 1900-2000 रुपये ही हाथ लग रहे हैं। किसान बिचौलियों के रहम पर हैं।
दूसरा बड़ा मुद्दा छात्रवृत्ति का है। हजारों एससी-एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्रों को महीनों से पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति नहीं मिली है। बीजेपी ने इसे सरकार की घोर लापरवाही बताया। सत्ता पक्ष के झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने भी सदन में अपनी ही सरकार पर धान खरीद को लेकर सवाल उठाए, जिससे हेमंत सोरेन सरकार असहज दिखी।
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा, “यह सरकार किसानों और छात्रों के साथ धोखा कर रही है। हम सदन नहीं चलने देंगे।” वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि धान खरीद तेजी से चल रही है और जल्द सभी केंद्र शुरू हो जाएँगे।
आज दोपहर बाद सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। कल फिर हंगामे की आशंका है।