रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
पटना, 3 दिसंबर 2025: बिहार के राजभवन का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से ‘बिहार लोक भवन’ कर दिया गया है। राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल. चोंग्थू ने 1 दिसंबर को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। यह बदलाव भारत सरकार के गृह मंत्रालय के 25 नवंबर 2025 के आदेश पर आधारित है।
अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि “राजभवन, बिहार को सभी सरकारी एवं आधिकारिक प्रयोजनों के लिए तत्काल प्रभाव से ‘बिहार लोक भवन’ नाम से जाना जाएगा।” इसके तहत भवन के मुख्य द्वार, नेमप्लेट, साइनबोर्ड, लेटरहेड, आधिकारिक वेबसाइट और सभी दस्तावेजों में नया नाम लागू होगा।
केंद्र सरकार का मानना है कि ‘राजभवन’ शब्द ब्रिटिश कालीन शाही विरासत का प्रतीक है, जो जनता से दूरी का भाव पैदा करता है। इसे बदलकर ‘लोक भवन’ करने से राज्यपाल का निवास-कार्यालय जनता के अधिक निकट और सेवा-केंद्रित दिखेगा।
यह बदलाव केवल बिहार तक सीमित नहीं है। तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में राजभवन का नाम ‘लोक भवन’ किया जा चुका है या प्रक्रिया में है। केंद्र शासित प्रदेशों में इसे ‘लोक निवास’ नाम दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने शासन की भाषा और प्रतीकों से औपनिवेशिक अवशेष हटाने की मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर को ‘सेवा तीर्थ’ और केंद्रीय सचिवालय को ‘कर्तव्य भवन’ नाम दिया गया है।
बिहार में इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे “लोकतंत्र की भावना के अनुरूप” बताया। विपक्षी दलों ने भी इसे सकारात्मक कदम माना है।