सुप्रीम कोर्ट ने डीएवी कपिलदेव के पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा की अपील खारिज की, एक सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रांची, 29 नवंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को झारखंड के प्रसिद्ध डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल के पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा उर्फ एम.के. सिन्हा की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया और न्यायमूर्ति जोजी जॉर्ज की पीठ ने सिन्हा को एक सप्ताह के अंदर सरेंडर करने और ट्रायल कोर्ट को मुकदमे को शीघ्र पूरा करने का सख्त निर्देश दिया।

यह मामला मई 2022 का है जब स्कूल की 24 वर्षीय स्टाफ नर्स ने प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा पर यौन उत्पीड़न और छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाया था। पीड़िता ने शिकायत में कहा था कि सिन्हा ने बीपी चेक करने के बहाने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया और अभद्र व्यवहार किया। घटना के बाद अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई और सिन्हा को गिरफ्तार कर होटवार जेल भेज दिया गया।

निचली अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन नवंबर 2022 में झारखंड हाईकोर्ट ने 30 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। जून 2025 में पीड़िता की याचिका पर हाईकोर्ट ने जमानत रद्द कर दी क्योंकि जांच में सामने आया कि पीड़िता और उसके मंगेतर को जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं और केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था।

हाईकोर्ट के इस फैसले को सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि ट्रायल में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब मनोज कुमार सिन्हा को एक सप्ताह में आत्मसमर्पण करना होगा, अन्यथा गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा।