झारखंड मेडिकल प्रवेश घोटाला: जांच से पहले शुरू हुई स्ट्रे वैकेंसी काउंसलिंग

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रांची, 29 नवंबर। झारखंड के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS व PG पाठ्यक्रमों के नामांकन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के खुलासे और मुख्यमंत्री के CID जांच के आदेश के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने स्ट्रे वैकेंसी राउंड काउंसलिंग शुरू कर दी है। 28 नवंबर से च्वॉइस फिलिंग शुरू हो चुकी है, जो 30 नवंबर तक चलेगी। 1 से 6 दिसंबर तक प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट और 2 से 6 दिसंबर तक दस्तावेज सत्यापन होगा।

इससे पहले पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर दो छात्रों का नामांकन रद्द किया था। धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में गोड्डा के एक छात्र को जाली ST प्रमाणपत्र पर प्रवेश मिला था। हजारीबाग, दुमका व रांची के कॉलेजों में भी 10 से अधिक छात्रों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि JCECEB ने नीट काउंसलिंग के लिए NTA का आधिकारिक डेटा आधार नहीं बनाया, जिससे फर्जीवाड़े को बढ़ावा मिला। मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित अबु इमरान कमेटी ने भी काउंसलिंग में बड़े पैमाने पर अनियमितता की पुष्टि की है और रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले काउंसलिंग शुरू करना मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले जैसे खतरे को न्योता है। योग्य छात्रों के साथ अन्याय और चिकित्सा शिक्षा की विश्वसनीयता पर गहरा संकट खड़ा हो गया है।