रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 29 नवंबर 2025: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने राज्य के लाखों पूर्व छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है। बोर्ड ने वर्ष 2003 से 2024 तक जारी सभी मैट्रिक, इंटरमीडिएट, मदरसा एवं संस्कृत बोर्ड के प्रमाणपत्रों में नाम, जन्मतिथि, पिता-माता का नाम, फोटो, जाति आदि में सुधार के लिए अंतिम अवसर देने का फैसला किया है।
JAC अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार महतो ने शुक्रवार को जारी आधिकारिक नोटिस में साफ कहा है कि 30 जून 2026 के बाद किसी भी हालत में प्रमाणपत्र सुधार के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह तारीख अंतिम और अपरिवर्तनीय है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इसके बाद कोई विशेष केस, कोर्ट आदेश या अन्य कोई अपवाद स्वीकार नहीं होगा।
लंबे समय से छात्र संगठनों व अभिभावकों की मांग थी कि पुराने प्रमाणपत्रों में गलतियां सुधारने का एक अंतिम मौका दिया जाए। इसके जवाब में JAC ने यह विशेष विंडो खोली है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार अब तक हजारों छात्र नाम व जन्मतिथि की त्रुटि के कारण नौकरी, उच्च शिक्षा, पासपोर्ट और सरकारी योजनाओं में परेशान हो रहे थे।
आवेदन अपने मूल विद्यालय या ऑनलाइन पोर्टल jac.jharkhand.gov.in के माध्यम से किया जा सकता है। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मूल मार्कशीट और शपथ पत्र शामिल हैं। सुधार शुल्क अलग-अलग श्रेणियों के लिए 500 से 2000 रुपये तक हो सकता है।
JAC ने सभी पूर्व छात्रों से अपील की है कि वे इस अंतिम अवसर का लाभ जरूर उठाएं। बोर्ड सचिव ने चेतावनी दी है, “30 जून 2026 के बाद बंद होने वाली इस खिड़की को दोबारा कभी नहीं खोला जाएगा।”