रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 24 नवंबर। झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में 31 मार्च 2027 तक ग्राम पंचायतों से लेकर जिला परिषद, वार्डों से लेकर नगर निगमों की सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं होगा। आगामी नगर निकाय चुनाव-2025 पुराने परिसीमन (वर्ष 2017) तथा 2011 की जनगणना के आधार पर ही संपन्न होंगे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि झारखंड हाईकोर्ट में परिसीमन से जुड़े कई मामले लंबित हैं। इनके निपटारे तक नई सीमाएँ लागू करना संभव नहीं है। इसलिए सरकार ने 31 मार्च 2027 तक मौजूदा प्रशासनिक एवं चुनावी सीमाओं को यथावत रखने का निर्णय लिया है। इस अवधि में न तो कोई नया पंचायत बनेगा, न कोई वार्ड जोड़ा-घटाया जाएगा और न ही नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत की सीमा में कोई बदलाव होगा।
इस निर्णय से रांची, धनबाद, जमशेदपुर, गिरिडीह, हजारीबाग समेत सभी 52 नगर निकायों में कुल 1,375 वार्डों में चुनाव पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 4,346 पंचायतों की सीमाएँ भी अपरिवर्तित रहेंगी। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को 2017 के परिसीमन के आधार पर मतदाता सूची तैयार करने का निर्देश दिया है।
राजनीतिक दलों ने इस फैसले का स्वागत किया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि इससे चुनाव समय पर हो सकेंगे। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लंबित मामलों के कारण यह व्यावहारिक निर्णय है।
आयोग के अनुसार, दिसंबर के अंत तक मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो जाएगा और फरवरी-मार्च 2026 में नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे।