रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
नई दिल्ली, 22 नवंबर 2025: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 2025-26 सत्र से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा को दो सत्रों में आयोजित करने की घोषणा की है। बोर्ड के अध्यक्ष ने 20 नवंबर को आयोजित राष्ट्रव्यापी वेबिनार में इसकी विस्तृत रूपरेखा जारी की।
नई व्यवस्था के तहत पहला सत्र फरवरी 2026 में अनिवार्य रूप से होगा, जिसमें सभी विषयों की परीक्षा ली जाएगी। दूसरा सत्र मई-जून 2026 में वैकल्पिक सुधार परीक्षा के रूप में आयोजित होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दूसरे सत्र में छात्र केवल अधिकतम तीन विषयों में ही परीक्षा दे सकेंगे। ये वे विषय होंगे जिनमें पहले सत्र में कम अंक आए हों। केवल 50% या उससे अधिक बाहरी मूल्यांकन वाले विषयों में ही सुधार का विकल्प मिलेगा।
सीबीएसई का अनुमान है कि प्रमुख विषयों में करीब 40% छात्र ही सुधार परीक्षा का विकल्प चुनेंगे। दोनों सत्रों का पाठ्यक्रम एक समान रहेगा, कोई टर्म-1 और टर्म-2 जैसा विभाजन नहीं होगा। यदि कोई छात्र पहले सत्र में तीन या अधिक विषयों में अनुपस्थित रहता है, तो उसे ‘एसेंशियल रिपीट’ घोषित कर दूसरे सत्र से वंचित कर दिया जाएगा।
वहीं कक्षा 12वीं के लिए एक सत्र वाली पारंपरिक व्यवस्था ही जारी रहेगी। 12वीं की परीक्षाएं फरवरी-मार्च 2026 में एक ही चरण में होंगी। बोर्ड का कहना है कि यह बदलाव 10वीं के छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करने और बेहतर प्रदर्शन का मौका देने के लिए किया गया है।
विशेषज्ञों ने इस कदम को सराहा है, लेकिन छात्रों से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in से ही सही जानकारी लें।