झारखंड में मोतियाबिंद ऑपरेशन घोटाला: एक व्यक्ति की आँखें दो, लेकिन सर्जरी 4-9 बार!

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रांची/धनबाद। झारखंड में राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण एवं दृष्टि हानि कार्यक्रम (NPCBV) के तहत मोतियाबिंद सर्जरी में बड़े पैमाने पर धाँधली का मामला सामने आया है। आधिकारिक आँकड़ों की जाँच में पता चला है कि एक ही मरीज के नाम पर तीन से नौ बार तक ऑपरेशन दिखाया गया है, जबकि इंसान की केवल दो आँखें होती हैं और मोतियाबिंद का ऑपरेशन सामान्यतः एक बार ही किया जाता है।

सबसे ज्यादा गड़बड़ी धनबाद के हाईटेक अस्पताल के रिकॉर्ड में मिली है। यहाँ बालिका देवी (खेतटांड, मोती नगर) का नाम 9 बार, लक्खी देवी का 6 बार, परवती देवी का हाईटेक सहित अलग-अलग अस्पतालों में कुल 6 बार ऑपरेशन दर्ज है। इसी तरह अलका देवी, जैतुन बीबी, बादल महतो आदि का 4-4 बार और दर्जनों मरीजों का 3-5 बार तक ऑपरेशन दिखाया गया। आश्चर्यजनक रूप से पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के मरीजों का भी इलाज धनबाद में हुआ बताया जा रहा है, जो अव्यावहारिक है।

हर सर्जरी पर सरकार निजी अस्पताल को 2,500 रुपये देती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2,19,500 के लक्ष्य के मुकाबले 2,41,062 और 2024-25 में 2,56,100 के लक्ष्य के विरुद्ध 2,56,535 ऑपरेशन दर्ज किए गए। यानी हर साल लक्ष्य से अधिक ऑपरेशन दिखाकर अतिरिक्त फंड हड़पा जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें एक बार भी मुफ्त ऑपरेशन नहीं कराया गया, फिर भी उनके नाम पर कई-कई बार पैसे निकाले गए। स्वास्थ्य विभाग ने जाँच की बात कही है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह घोटाला न केवल सरकारी धन की लूट है, बल्कि गरीब मरीजों के साथ धोखा भी है। पूरे देश में चल रहे इस कार्यक्रम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।