रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 19 नवंबर 2025: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूर्व उत्पाद आयुक्त और वर्तमान पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी को नोटिस जारी कर 20 नवंबर 2025 को रांची स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो मुख्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पूछताछ के लिए तलब किया है।
यह मामला वर्ष 2022-23 की नई शराब नीति से जुड़ा है, जिसमें सात प्लेसमेंट एजेंसियों ने फर्जी बैंक गारंटी जमा कर 38.44 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। इन एजेंसियों को शराब दुकानों पर मैनपावर उपलब्ध कराने का ठेका मिला था, लेकिन नियमों का खुला उल्लंघन हुआ। सबसे बड़ी बात यह कि फर्जी गारंटी होने के बावजूद तत्कालीन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इस प्रकरण में अब तक वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय चौबे समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने 13 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। कर्ण सत्यार्थी ने अपने कार्यकाल में ही इस घोटाले की प्रारंभिक जानकारी विभाग को दी थी, इसलिए उन्हें गवाह के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जून 2025 में भी एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें नोटिस भेजा था।
हाल ही में रामगढ़ उपयुक्त फैज अक अहमद मुमताज से भी लंबी पूछताछ की जा चुकी है। एंटी करप्शन ब्यूरो के सूत्रों के अनुसार, अब तक 15 से अधिक अधिकारियों और प्लेसमेंट एजेंसी के पदाधिकारियों से पूछताछ हो चुकी है। जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।