रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
नई दिल्ली, 19 नवंबर 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन और अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी को मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। आज दिल्ली की साकेत कोर्ट ने उन्हें 13 दिनों की ईडी कस्टडी में भेज दिया। ईडी ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी।
जावेद सिद्दीकी पर आरोप है कि उन्होंने अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के करोड़ों रुपये की राशि अपनी पत्नी व बच्चों की निजी कंपनियों में डायवर्ट की। निर्माण, कैटरिंग और अन्य ठेके परिवार की फर्मों को दिए गए। यूनिवर्सिटी ने फर्जी NAAC मान्यता और UGC की धारा 12(B) का गलत दावा कर विदेशी फंडिंग जुटाई।
18 नवंबर को ईडी ने दिल्ली-एनसीआर के 19 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें 48 लाख रुपये नकद बरामद हुए। यह कार्रवाई दिल्ली के लाल किले के पास हालिया विस्फोट मामले से जुड़ी दो एफआईआर के आधार पर हुई है। जांच एजेंसी को शक है कि ट्रस्ट के फंड का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों में हुआ।
जावेद सिद्दीकी 1995 से ट्रस्ट पर पूरी पकड़ रखते थे, हालांकि वे आधिकारिक ट्रस्टी नहीं थे। उनके भाई हमीद सिद्दीकी को पहले इंदौर पुलिस ने धोखाधड़ी व दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
ईडी की जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।