रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 18 नवंबर 2025: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने सोमवार को रामगढ़ के उपायुक्त फैज अक अहमद से लगातार छह घंटे तक गहन पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, यह पूछताछ उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में उनके तत्कालीन कार्यकाल और घोटाले की शुरुआती शिकायत से जुड़ी रही।
फैज अक अहमद और तत्कालीन जमशेदपुर डीसी करण सत्यार्थी ही वे दो आईएएस अधिकारी थे, जिन्होंने सबसे पहले शराब लाइसेंस, कोटा आवंटन और वित्तीय अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर 38 करोड़ रुपये से अधिक के इस घोटाले का खुलासा हुआ था।
ACB ने अब तक 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें पूर्व उत्पाद सचिव विनय चौबे, गजेंद्र सिंह, सुधीर कुमार और कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया प्रमुख हैं। कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अधिकांश जमानत पर हैं। जांच के दायरे में मनोज कुमार, मुकेश कुमार, उमाशंकर सिंह समेत कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी हैं।
ACB अधिकारियों का कहना है कि जांच अंतिम चरण में है और सभी गवाहों के बयान मजबूत करने के बाद जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी। फैज अक अहमद की गवाही को केस का अहम हिस्सा बताया जा रहा है।
राज्य सरकार ने भी संकेत दिए हैं कि घोटाले में लिप्त पदस्थ अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।