रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
पटना, 17 नवंबर 2025: बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नई सरकार गठन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट की अंतिम बैठक के बाद राजभवन जाकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की और मौजूदा विधानसभा को 19 नवंबर से भंग करने की सिफारिश सौंप दी। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे।
243 सीटों वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 202 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी (89 सीटें), जद(यू) 85, चिराग पासवान की एलजेपी(राव) 19, जबकि हम और रालोम ने क्रमशः 5 और 4 सीटें जीतीं। महागठबंधन महज 35 सीटों पर सिमट गया, जिसमें राजद 25 और कांग्रेस केवल 6 सीटें ही बचा पाई।
राज्यपाल को रविवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची सौंप दी थी। विधानसभा भंग होने के बाद मंगलवार को जद(यू) और भाजपा अपने-अपने विधायक दल की बैठक करेंगे। इसके बाद एनडीए की संयुक्त बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया जाएगा। बुधवार 20 नवंबर को गांधी मैदान में भव्य शपथग्रहण समारोह होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है।
मंत्रिमंडल विस्तार का फॉर्मूला लगभग तय हो चुका है। ‘प्रति छह विधायक एक मंत्री’ के आधार पर भाजपा को 15-16, जद(यू) को 14, एलजेपी को 3 और छोटे दलों को 2-3 पद मिल सकते हैं। दो उपमुख्यमंत्री और स्पीकर पद पर भी सहमति बन गई है।
नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन जाएंगे। जनता ने विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के उनके एजेंडे पर एक बार फिर मुहर लगाई है। नई सरकार के सामने बेरोजगारी, पलायन रोकने और जाति जनगणना लागू करने जैसे बड़े वादों को पूरा करने की चुनौती होगी।