रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 12 नवंबर: झारखंड मंत्रिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधानसभा के षष्ठम शीतकालीन सत्र को 5 दिसंबर से 11 दिसंबर 2025 तक आयोजित करने का निर्णय लिया। यह सत्र राज्य की आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक योजनाओं पर केंद्रित रहेगा।
बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें देशी मांगुर मछली को झारखंड की राजकीय मछली घोषित करना प्रमुख है। इसके अलावा, झारखंड स्थापना दिवस 2025 के सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एजेंसी चयन, गारंटी मोचन निधि के संचालन हेतु भारतीय रिजर्व बैंक की अधिसूचना का प्रारूप स्वीकृत करना और विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, सत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक बजट पेश किया जा सकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और ग्रामीण विकास से जुड़े कई विधेयक भी सदन में लाए जाएंगे। विपक्ष ने पहले ही बेरोजगारी, किसान कर्ज माफी और आदिवासी अधिकारों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
मंत्रिमंडल ने झारखंड राज्य खेल प्राधिकरण के गठन, महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए नई ऋण सुविधा और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में तेजी लाने के प्रस्ताव भी पारित किए। बैठक में ऊर्जा, सिंचाई और पेयजल विभागों के लिए अतिरिक्त धनराशि को भी हरी झंडी दी गई।
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने बताया कि सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सभी विधायकों को 1 दिसंबर तक नोटिस जारी किया जाएगा। यह सत्र राज्य में चल रही नई औद्योगिक नीति और आदिवासी कल्याण योजनाओं की समीक्षा का भी मंच बनेगा।