रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 12 नवंबर 2025: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने नया मोड़ लेते हुए मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के तीन निदेशकों को रिमांड पर लिया है। गिरफ्तार निदेशक हैं-परेश अभेयसिंह ठाकोर, विक्रमासिंह अभेसिंह ठाकोर और महेश शिडगे। ये अहमदाबाद से गिरफ्तार हुए थे और ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाए गए।
एजेंसी पर आरोप है कि उसने 27 अगस्त 2023 को ₹5.35 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी जमा कर हजारीबाग, कोडरमा और चतरा में शराब दुकानों के लिए मैनपावर ठेका हासिल किया। ठेका लेने के बाद बिक्री के एवज में अंतर राशि जमा नहीं की गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। 9 जनवरी 2025 को गारंटी जब्त करने का आदेश हुआ, लेकिन एजेंसी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। जांच में यह फर्जीवाड़ा पूर्वनियोजित साजिश का हिस्सा पाया गया।
2022 की नई शराब नीति के तहत कई एजेंसियों ने फर्जी दस्तावेजों से ठेके लिए। कुल ₹38.44 करोड़ का घोटाला उजागर हुआ है, जबकि 50 करोड़ से अधिक राजस्व बकाया है। अब तक 10 से अधिक गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें पूर्व आईएएस विनय चौबे, अमित प्रकाश, जेएएस गजेंद्र सिंह और कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया शामिल हैं।
एसीबी ने उत्पाद सचिव मनोज कुमार समेत 15 लोगों को समन भेजा है। जांच दिल्ली, गुड़गांव और भोपाल तक फैली है। जल्द चार्जशीट दाखिल होगी।