झारखंड के 48 मजदूर ट्यूनीशिया से सकुशल लौटे, सीएम हेमंत के प्रयास सराहनीय

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रांची, 8 नवंबर 2025: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के त्वरित हस्तक्षेप से ट्यूनीशिया में फंसे 48 प्रवासी मजदूर सुरक्षित स्वदेश लौट आए। हजारीबाग (19), गिरिडीह (14) और बोकारो (15) के ये मजदूर पीसीएल प्रेम पावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के माध्यम से वहां निर्माण कार्य कर रहे थे। तीन महीने से वेतन, भोजन और रहने की सुविधाएं न मिलने से उनकी स्थिति दयनीय हो गई थी।

30 अक्टूबर को मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मदद मांगी। वीडियो वायरल होते ही सीएम ने श्रम विभाग को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। विभाग ने विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और L&T से समन्वय किया। L&T ने 30 लाख रुपये बकाया वेतन भरा और सभी की हवाई टिकटें सुनिश्चित कीं।

वापसी तीन चरणों में हुई- 4 नवंबर को 31, 5 नवंबर को 10 और 6 नवंबर को 7 मजदूर मुंबई पहुंचे। 8 नवंबर तक सभी झारखंड लौट चुके हैं। विभागीय अधिकारियों ने उनकी स्थिति जानी और आगे सहायता का आश्वासन दिया।

सीएम सोरेन ने कहा, “झारखंड का कोई मजदूर कहीं फंसे, सरकार उसकी रक्षा करेगी।” सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने कार्रवाई की सराहना की, लेकिन विदेश भेजने वाली एजेंसियों पर सख्ती और स्थानीय रोजगार सृजन पर जोर दिया। सरकार ने भविष्य में पलायन रोकने और प्रवासी पंजीकरण अनिवार्य करने का संकल्प लिया।