रांची, 5 नवंबर 2025 : झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से जुड़े बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रांची की विशेष PMLA अदालत ने आज आठ नए आरोपियों को समन जारी कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल चौथी चार्जशीट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है, जिसमें कुल 22 आरोपी अब अदालत के दायरे में आ चुके हैं। ED ने आरोपियों को 15 दिनों के भीतर पेश होने का आदेश दिया है, अन्यथा गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा।
यह मामला झारखंड ग्रामीण विकास विभाग में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जहां आलमगीर आलम पर सरकारी टेंडरों में कमीशन लेकर मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है। ED की जांच में सामने आया कि आलमगीर और उनके सहयोगी संजीव लाल दास ने अवैध तरीके से सैकड़ों करोड़ रुपये की आय उत्पन्न की, जिसे संपत्ति और नकदी में निवेश किया गया। ED ने अब तक 44 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त कर ली हैं।
ED की चार्जशीट के अनुसार आरोपी:
1. राहुल कुमार – ठेकेदार, टेंडर प्रक्रिया में मध्यस्थ।
2. प्रियंका देवी – आलमगीर की रिश्तेदार, संपत्ति खरीद में संलिप्त।
3. अमित सिंह – सरकारी अधिकारी, दस्तावेजों में हेराफेरी।
4. सुनील यादव – कमीशन वसूलीकर्ता।
5. रानी देवी – नकदी लेन-देन में भूमिका।
6. विकास शर्मा – ठेकेदार फर्म का मालिक।
7. मनीषा कुमारी – बैंक खातों का संचालन।
8. राजेश कुमार – मध्यस्थ और सलाहकार।
ये आरोपी मुख्य रूप से ठेकेदार, सरकारी कर्मचारी और मध्यस्थ हैं, जिन्होंने कथित तौर पर टेंडर सिस्टम में साठगांठ की। ED ने चार्जशीट में PMLA की धारा 3 और 4 के तहत कार्रवाई की मांग की है।
ED की पिछली कार्रवाइयां
• मई 2024: आलमगीर आलम और संजीव लाल दास की गिरफ्तारी।
• अक्टूबर 2025: चौथी चार्जशीट दाखिल, जिसमें ये आठ नए नाम जोड़े गए।
• जांच अभी जारी है, और ED ने अतिरिक्त सबूत जुटाने के लिए छापेमारी की योजना बनाई है।
कांग्रेस ने ED की कार्रवाई को “राजनीतिक साजिश” करार दिया, जबकि भाजपा ने इसे “भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम” बताया। आलमगीर आलम के वकील ने कहा, “हम अदालत में सभी आरोपों का खंडन करेंगे।” झारखंड हाईकोर्ट में भी इस मामले पर सुनवाई लंबित है।