रांची, 5 नवंबर 2025: झारखंड पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता ने आधिकारिक तौर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घोषणा मंगलवार देर रात को की गई, जिससे राज्य की पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव तय हो गया है। अनुराग गुप्ता, 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी, की सेवानिवृत्ति अप्रैल 2025 में हो चुकी थी, लेकिन राज्य सरकार द्वारा दिए गए दो वर्ष के एक्सटेंशन के विवाद के बीच यह कदम उठाया गया।
इस्तीफे के पीछे की वजहें: केंद्र-राज्य टकराव का नतीजा
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने अप्रैल-मई 2025 में कई पत्र भेजकर गुप्ता के एक्सटेंशन को असंवैधानिक करार दिया था। यूपीएससी ने सितंबर 2025 में उनकी नियुक्ति को अमान्य घोषित कर दिया, जिससे आईपीएस अधिकारियों की प्रोन्नति प्रक्रिया ठप हो गई। राज्य सरकार (जेएमएम-गठबंधन) पर केंद्र (बीजेपी) का दबाव बढ़ता जा रहा था। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, “यह एक्सटेंशन शुरू से ही गलत था। अब सच्चाई सामने आ गई।”
अनुराग गुप्ता ने इस्तीफे में कहा, “मैंने हमेशा राज्य की सेवा की है, लेकिन अब समय आ गया है कि नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा जाए।” उनका कार्यकाल अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान विवादास्पद रहा, जब चुनाव आयोग ने उन्हें हटा दिया था।
अगला डीजीपी कौन? एमएस भाटिया का नाम सबसे मजबूत
इस्तीफे के तुरंत बाद, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एमएस भाटिया (1988 बैच) को नया डीजीपी बनाने की चर्चा जोरों पर है। अन्य संभावित नामों में अनिल पालटा और प्रशांत सिंह शामिल हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली सरकार शाम तक नई नियुक्ति की घोषणा कर सकती है। पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक चल रही है।
यह घटना केंद्र-राज्य संबंधों में बढ़ते तनाव को उजागर करती है। झारखंड पुलिस के 50,000 से अधिक कर्मियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।