रांची, 5 नवंबर 2025:झारखंड सरकार ने राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 207 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस की खरीद को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में गंभीर मरीजों को तत्काल उन्नत चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए इस निर्णय की अनुमानित लागत लगभग 200 करोड़ रुपये है। ये एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवा के बेड़े में शामिल की जाएंगी और पूरे राज्य के 24 जिलों में तैनात होंगी। विशेष रूप से आदिवासी बहुल और पहाड़ी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सड़क और चिकित्सा सुविधाओं की कमी लंबे समय से चुनौती बनी हुई है।
ALS एंबुलेंस की खासियत
• वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, मॉनिटर और ऑक्सीजन सप्लाई जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं
• गंभीर हृदय रोग, सांस की तकलीफ और दुर्घटना के मरीजों के लिए जीवन रक्षक
• प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ के साथ 24×7 उपलब्धता
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, *”यह कदम झारखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। अब दूरस्थ गांवों में भी गोल्डन ऑवर में मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।”*
फिलहाल राज्य में केवल 50 ALS एंबुलेंस ही उपलब्ध हैं, जो मांग की तुलना में अपर्याप्त हैं। नई एंबुलेंस आने के बाद 108 सेवा की क्षमता दोगुनी हो जाएगी। टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और 6 महीने के अंदर पहला बैच सड़कों पर उतरने की उम्मीद है।
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि इन एंबुलेंस में जीपीएस ट्रैकिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि नियंत्रण कक्ष से हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
यह पहल ‘स्वस्थ झारखंड, सशक्त झारखंड’ विजन का हिस्सा है, जिसके तहत पिछले दो वर्षों में 500 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन किया जा चुका है।