रांची, 24 अक्टूबर 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर कमीशन घोटाले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव कुमार लाल की पत्नी रीता लाल सहित आठ लोगों के खिलाफ विशेष PMLA कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। ED का आरोप है कि संजीव लाल टेंडर आवंटन में 10% कमीशन वसूलते थे, जिसकी राशि रीता लाल के नाम पर संपत्ति खरीदने में लगाई गई।
आरोपपत्र में नामित आठ आरोपी:
संजीव लाल, रीता लाल, नौकर जहांगीर आलम (32.30 करोड़ नकदी बरामदगी के समय गिरफ्तार), CA मुकेश मित्तल, नीरज मित्तल, हरीश यादव, राम प्रकाश भाटिया और हृदयनंद तिवारी।
मुख्य बरामदगी:
मई 2024 में जहांगीर के ठिकाने से 32.30 करोड़ रुपये नकद, कुल 30 करोड़+ राशि और 4.42 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त। ED ने रीता लाल के नाम पर खरीदी जमीन-फ्लैट को अवैध घोषित किया।
यह घोटाला सड़क-पुल निर्माण ठेकों में कमीशनखोरी से जुड़ा है, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता प्रभावित हुई। ED ने संजीव लाल के दफ्तर से ट्रांसफर-पोस्टिंग के पैरवी पत्र भी बरामद किए।
कुल 12 पर आरोप तय:
आलमगीर आलम, वीरेंद्र राम, उनकी पत्नी राज कुमारी समेत। मार्च 2025 में ED ने संजीव लाल के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी। जुलाई 2025 में कोर्ट से सरकार की चुप्पी को ‘स्वीकृति’ मानने की मांग की।