रांची, 22 अक्टूबर 2025: दीपावली की रौनक के बाद झारखंड में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह चरम पर है। आज गोवर्धन पूजा हो रही है, जबकि कल 23 अक्टूबर को चित्रगुप्त पूजा व भाई दूज एक साथ मनाए जाएंगे। इन हिंदू पर्वों के साथ रांची में आदिवासी सोहराय उत्सव ने अलग रंग भर दिया है।
गोवर्धन पूजा में भगवान कृष्ण की गोवर्धन लीला की स्मृति में गाय-बैलों की पूजा और अन्नकूट भोग तैयार हो रहा है। सुबह 6:30 से 10 बजे तक शुभ मुहूर्त में घर-मंदिरों में गोबर से पर्वत बनाकर आरती हुई। चित्रगुप्त पूजा में कलम-दवात पूजन (दोपहर 1:13-3:28) से कर्मफल की कामना हो रही है। उसी दिन भाई दूज पर बहनें भाइयों को तिलक लगाकर लंबी आयु की प्रार्थना करेंगी।
रांची में सोहराय उत्सव फसल कटाई के आभार का प्रतीक बन गया। आदिवासी समुदाय ने मवेशी पूजा, सोहराय चित्रकला (GI टैग) से दीवारें सजाईं। केलोइन, नागरी, गेरू रंगों से चित्रित गाय-मोर की छवियां जगमगा रही हैं। मोरहाबादी से जयपाल सिंह स्टेडियम तक ‘डहरे सोहराय’ पदयात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हजारों शामिल हुए। आकाशवाणी रांची ने इसे झारखंड की साझा संस्कृति बताया।
ये पर्व प्रकृति संरक्षण, पारिवारिक बंधन और सामुदायिक सद्भाव सिखाते हैं। बाजारों में मिठाई-उपहारों की भारी खरीदारी हो रही। हेहल में जतरा महोत्सव भी जोरों पर।