रामगढ़, 19 अक्टूबर 2025: झारखंड के प्रमुख उद्योगपति और रुंगटा समूह के संस्थापक रामचंद्र रुंगटा का आज दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे और उनकी मृत्यु की खबर ने रामगढ़ सहित पूरे झारखंड के औद्योगिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ा दी है।
रामचंद्र रुंगटा ने 1975 में कोयला कारोबार से अपने व्यवसायिक सफर की शुरुआत की थी। उनकी मेहनत और दूरदर्शिता ने रुंगटा समूह को खनन, स्टील, सीमेंट, सिंचाई प्रणाली, लीजिंग, परिवहन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में एक मजबूत पहचान दिलाई। उनके नेतृत्व में स्थापित झारखंड इस्पात (रामगढ़ के हेसला में 2002 में शुरू), आलोक स्टील, और मां छिनमस्तिका जैसी औद्योगिक इकाइयों ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। उनकी 14 एकड़ में फैली स्पंज आयरन फैक्ट्री (1,20,000 TPA क्षमता) रामगढ़ के औद्योगिक विकास का प्रतीक रही।
रुंगटा 30 वर्षों से अधिक के कॉर्पोरेट अनुभव के साथ नॉर्थ धाधू माइनिंग कंपनी जैसे संगठनों के निदेशक थे। उनके निधन को झारखंड के उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
रामगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक सदस्य ने कहा, “रामचंद्र रुंगटा ने न केवल व्यवसाय में, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जाना हमारे लिए बड़ा नुकसान है।” उनके परिवार में उनके परिजन और असंख्य कर्मचारी हैं, जो उनके विजन को आगे बढ़ाने का संकल्प ले रहे हैं। उनके सम्मान में रामगढ़ के कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने शोक व्यक्त किया है।