रांची/पटना, 19 अक्टूबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गठबंधन छोड़कर छह सीटों चकाई, धमदाहा, कटोरिया (एसटी), मनीहारी (एसटी), जमुई और पीरपैंती पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। ये सीटें बिहार-झारखंड सीमावर्ती इलाकों में हैं, जहां आदिवासी वोटरों का प्रभाव है। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, “सीट बंटवारे में विश्वासघात हुआ। हमने 10-12 सीटें मांगी थीं, लेकिन 2-3 पर बात अटक गई। अब हम स्वतंत्र लड़ेंगे।” पार्टी ने बिहार चुनाव के बाद झारखंड में महागठबंधन की समीक्षा का संकेत भी दिया है।
महागठबंधन में पहले से ही आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के बीच सीट बंटवारे पर तनाव है। आरजेडी ने कांग्रेस को 60 सीटें देने की बात कही, लेकिन प्रमुख सीटों पर सहमति नहीं बनी। झामुमो का यह कदम विपक्ष के वोट बांट सकता है, जिससे एनडीए को फायदा मिल सकता है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने तंज कसते हुए कहा, “राहुल और तेजस्वी का घमंड बिहार को बचा रहा है।” झामुमो ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। यह घटना 2000 के बिहार-झारखंड अलगाव की याद दिलाती है। बिहार चुनाव 6 और 11 नवंबर को होंगे, नतीजे 14 नवंबर को।