झारखंड हाईकोर्ट ने 2 वर्षीय बी.एड अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन पर लगाई रोक

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रांची, 13 अक्टूबर 2025: झारखंड हाईकोर्ट ने सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में 2 वर्षीय बी.एड डिग्री धारकों के दस्तावेज सत्यापन पर रोक लगा दी है। यह फैसला झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) की भर्ती नीति के खिलाफ दायर याचिका के बाद आया, जिसमें 2 वर्षीय बी.एड धारकों को अयोग्य ठहराया गया था। कोर्ट के इस आदेश से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।

JSSC ने कक्षा 6 से 8 के शिक्षक पदों के लिए केवल 1 वर्षीय बी.एड को पात्र माना, जबकि NCTE ने 2015 से 2 वर्षीय बी.एड को मानक घोषित किया है। याचिकाकर्ता राजकुमारी सिंह ने इसे भेदभावपूर्ण बताया। जस्टिस दीपक रोशन की एकलपीठ ने कहा, “NCTE नियमों का उल्लंघन अस्वीकार्य है। 2 वर्षीय बी.एड धारकों को शामिल करना होगा।” कोर्ट ने JSSC को सत्यापन रोकने और प्रभावित अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी पर विचार करने का निर्देश दिया।

लगभग 50,000 अभ्यर्थी, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवा, इस फैसले से प्रभावित हैं। अभ्यर्थियों में चिंता है, क्योंकि भर्ती में देरी संभावित है। JSSC ने कहा कि वे 15 दिनों में संशोधित सूची जारी करेंगे। विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को होगी। अभ्यर्थियों को jssc.nic.in पर अपडेट जांचने की सलाह दी गई है। यह फैसला भविष्य की भर्तियों के लिए मिसाल बन सकता है।