सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: सारंडा वन के 31,468 हेक्टेयर को अभयारण्य घोषित करने की मंजूरी

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रांची, 8 अक्टूबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के सारंडा वन क्षेत्र के 31,468.25 हेक्टेयर को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने की अनुमति दी है। यह फैसला पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोर्ट ने झारखंड सरकार को सात दिनों के भीतर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया है, जिससे यह क्षेत्र आधिकारिक रूप से संरक्षित हो सके।

सारंडा वन, वेस्ट सिंहभूम जिले में स्थित, अपनी जैव-विविधता और घने साल के जंगलों के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र वन्यजीवों का महत्वपूर्ण आवास है, लेकिन अवैध खनन और वन कटाई ने इसे खतरे में डाल रखा था। पहले 57,519.41 हेक्टेयर क्षेत्र को अभयारण्य बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसे घटाकर 31,468 हेक्टेयर किया गया। कोर्ट ने अमीकस क्यूरी के क्षेत्रफल बढ़ाने के विरोध को खारिज करते हुए सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया।

मुख्य सचिव अविनाश कुमार की मौजूदगी में हुई सुनवाई में सरकार ने देरी के लिए माफी मांगी और शपथ-पत्र के जरिए अधिसूचना का वादा किया। यह मामला 2012 से विधायक सरयू राय की जनहित याचिका के कारण चर्चा में था। यह फैसला न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सारंडा के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा।