रांची, 4 अक्टूबर 2025: झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की सशक्त उपस्थिति एक बार फिर उभरी है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अलका तिवारी ने शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त का पदभार संभाल लिया। वे इस संवैधानिक पद पर नियुक्त होने वाली झारखंड की पहली महिला हैं। विजयदशमी के शुभ मुहूर्त पर रांची के राज्य निर्वाचन कार्यालय में आयोजित समारोह में उन्होंने शपथ ग्रहण की।
1988 बैच की अलका तिवारी ने 30 सितंबर को राज्य के मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्ति ली थी। झारखंड पंचायत राज अधिनियम, 2001 की धारा 66(2) के तहत उनकी नियुक्ति हुई। उनका कार्यकाल चार वर्ष का है, लेकिन 65 वर्ष की आयु से पहले समाप्त हो सकता है। वे राज्य की आठवीं राज्य निर्वाचन आयुक्त हैं। उनके करियर में राजस्व परिषद सदस्यता, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और गुमला-लोहरदगा में उपायुक्त के रूप में सेवा शामिल है। नवंबर 2024 में मुख्य सचिव बनकर वे राज्य की तीसरी महिला मुख्य सचिव बनीं।
दिलचस्प है कि उनके पति डॉ. डी.के. तिवारी (1986 बैच) पूर्व मुख्य सचिव व वर्तमान राज्य निर्वाचन आयुक्त हैं। तिवारी दंपति की यह उपलब्धि प्रशासनिक जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
अलका तिवारी की जिम्मेदारी पंचायत व नगर निगम चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करना होगी। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में उनकी भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। एक अधिकारी ने कहा, “उनका अनुभव पारदर्शिता लाएगा।” मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बधाई देते हुए इसे महिलाओं के लिए प्रेरणा बताया। विपक्ष ने भी सराहना की।
यह नियुक्ति लैंगिक समानता की दिशा में मील का पत्थर है। विशेषज्ञों का मानना है कि अलका तिवारी के नेतृत्व में झारखंड की निर्वाचन प्रक्रिया अधिक समावेशी बनेगी।